बिती रातों की कहानी

बिती रातों की कहानी, चाँद निकला भी था,सुहानी रोशनी के संग, हमें नहला भी गया !

सितारे खूब टिम टीमें, औ’ कुछ टूटे भी सही,

हौली सी गुदगुदी हुई, खूब मुस्कुरा भी दीये !

आँख मुदी ना मुदी औ’, चिडींयों चहाने लगी,

चली पनघट की राहें , कुछ गुनगुना के चली !

मुझे देखा ही जैसे औ’,सखियों मुस्कुराने लगी,

हाँ हौले कह भी दीया , संग चंदा से रोशन हुई !!

BATUK SHUKLA – USA.

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